समर्थक

Thursday, 1 January 2015

"नया वर्ष स्वागत करता है पहन नया परिधान" ( डॉ. रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक' )

नया वर्ष स्वागत करता है , पहन नया परिधान ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतन्त्र महान ॥
ज्ञान गंग की बहती धारा ,
चन्दा , सूरज से उजियारा ।
आन -बान और शान हमारी -
संविधान हम सबको प्यारा ।
प्रजातंत्र पर भारत वाले करते हैं अभिमान ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतन्त्र महान ॥

शीश मुकुट हिमवान अचल है ,
सुन्दर -सुन्दर ताजमहल है ।
गंगा - यमुना और सरयू का -
पग पखारता पावन जल है ।
प्राणों से भी मूल्यवान है हमको हिन्दुस्तान ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतन्त्र महान ॥

स्वर भर कर इतिहास सुनाता ,
महापुरुषों से इसका नाता ।
गौतम , गान्धी , दयानन्द की ,
प्यारी धरती भारतमाता ।
यहाँ हुए हैं पैदा नानक , राम , कृष्ण , भगवान् ।
सारे जग से न्यारा अपना , है गणतन्त्र महान ॥


3 comments:

  1. नए वर्ष का प्यारा प्यारा गीत ...
    सबका नव वर्ष शुभ हो..

    ReplyDelete
  2. प्यारा गीत ...
    आपको सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ .....!!

    ReplyDelete
  3. Nice Article sir, Keep Going on... I am really impressed by read this. Thanks for sharing with us.. Happy Independence Day 2015, Latest Government Jobs.

    ReplyDelete