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Thursday, 2 August 2012

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' का राखी गीत


आया राखी का त्यौहार!!
हरियाला सावन ले आयाये पावन उपहार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

जितनी ममता होती है, माता की मृदु लोरी में,
उससे भी ज्यादा ममता है, राखी की डोरी में,
भरा हुआ कच्चे धागों में, भाई-बहन का प्यार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

भाई को जा करके बाँधें, प्यारी-प्यारी राखी,
हर बहना की यह ही इच्छा राखी के दिन जागी,
उमड़ा है भगिनी के मन में श्रद्धा-प्रेम अपार!
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

खेल-कूदकर जिस अँगने में, बीता प्यारा बचपन,
कैसे याद भुलाएँ उसकी, जो मोहक था जीवन,
कभी रूठते और कभी करते थे, आपस में मनुहार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!!

गुज़रे पल की याद दिलाने, आई बहना तेरी,
रक्षा करना मेरे भइया, विपदाओं में मेरी,
दीर्घ आयु हो हर भाई की, ऐसा वर दे दो दातार।
अमर रहा हैअमर रहेगाराखी का त्यौहार।।
आया राखी का त्यौहार!! 

आज किसी भी भाई की, ना सूनी रहे कलाई, 
पहुँचा देना मेरी राखी, अरे डाकिए भाई, 
बहुत दुआएँ दूँगी तुझको, तेरा मानूँगी उपकार! 
अमर रहा है अमर रहेगा, राखी का त्यौहार!! 
आया राखी का त्यौहार!!

7 comments:

  1. उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

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  2. धन्यवाद!
    श्रावणी पर्व और रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  3. बहुत खूबसूरत राखी गीत !

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  4. वाह ... बहुत ही बढिया ।

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  5. सुंदर गीत...
    सादर बधाइयाँ...

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  6. बहुत सुन्दर सरस गीत हार्दिक बधाई आपको

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  7. सच -अमर रहा है

    अमर रहेगा

    राखी का त्यौहार|

    बहुत भावपूर्ण पंक्तियाँ ---|

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